📅 जनवरी 2026

मकर संक्रांति

14 जनवरी 2026, बुधवार

महत्व:

यह पर्व सूर्य देव की उपासना का दिन है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं।

पूजा विधि:

सूर्य देव को अर्घ्य दें, तिल के लड्डू बनाएं और पतंग उड़ाएं।

वसंत पंचमी

23 जनवरी 2026, शुक्रवार

महत्व:

मां सरस्वती का पर्व। ज्ञान, कला और संगीत की देवी की पूजा।

पूजा विधि:

पीले वस्त्र धारण करें, पीले फूल अर्पित करें और पुस्तकों की पूजा करें।

📅 फरवरी 2026

महा शिवरात्रि

15 फरवरी 2026, रविवार

महत्व:

भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र पर्व। शिव-पार्वती का विवाह।

पूजा विधि:

रात्रि जागरण करें, बेल पत्र अर्पित करें, 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

📅 मार्च 2026

होली

7-8 मार्च 2026

महत्व:

रंगों का पर्व। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक।

पूजा विधि:

होलिका दहन करें, रंग खेलें, गुजिया और ठंडाई का सेवन करें।

राम नवमी

27 मार्च 2026, शुक्रवार

महत्व:

भगवान राम का जन्मोत्सव। धर्म और सत्य की विजय।

पूजा विधि:

रामायण का पाठ करें, भजन-कीर्तन करें, व्रत रखें।

📅 अप्रैल 2026

हनुमान जयंती

2 अप्रैल 2026, गुरुवार

महत्व:

भगवान हनुमान का जन्मोत्सव। भक्ति और शक्ति के प्रतीक।

पूजा विधि:

हनुमान चालीसा का पाठ करें, लड्डू का भोग लगाएं, व्रत रखें।

वैशाखी

13-14 अप्रैल 2026

महत्व:

नव वर्ष का आरंभ। फसल कटाई का पर्व।

पूजा विधि:

सूर्य देव की पूजा करें, नए वस्त्र धारण करें, दान-पुण्य करें।

📅 अगस्त 2026

रक्षा बंधन

29 अगस्त 2026, शनिवार

महत्व:

भाई-बहन के प्रेम का पर्व। रक्षा का वचन।

पूजा विधि:

राखी बांधें, मिठाई बांटें, आशीर्वाद लें।

जन्माष्टमी

4 सितंबर 2026, शुक्रवार

महत्व:

भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव। धर्म की स्थापना।

पूजा विधि:

मध्य रात्रि को पूजा करें, झूला झुलाएं, मक्खन-मिश्री का भोग लगाएं।

📅 सितंबर 2026

गणेश चतुर्थी

14 सितंबर 2026, सोमवार

महत्व:

भगवान गणेश का जन्मोत्सव। विघ्नहर्ता की आराधना।

पूजा विधि:

गणेश मूर्ति स्थापित करें, मोदक का भोग लगाएं, गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

📅 अक्टूबर 2026

नवरात्रि

12-20 अक्टूबर 2026

महत्व:

मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा। शक्ति की उपासना।

पूजा विधि:

नौ दिनों तक व्रत रखें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें, कन्या पूजन करें।

दशहरा

20 अक्टूबर 2026, मंगलवार

महत्व:

भगवान राम द्वारा रावण वध। बुराई पर अच्छाई की जीत।

पूजा विधि:

रामलीला देखें, रावण दहन करें, शस्त्र पूजा करें।

📅 नवंबर 2026

दिवाली

8 नवंबर 2026, रविवार

महत्व:

दीपों का पर्व। भगवान राम के अयोध्या लौटने का उत्सव।

पूजा विधि:

दीपक जलाएं, लक्ष्मी-गणेश पूजा करें, मिठाई बांटें, पटाखे चलाएं।

भाई दूज

10 नवंबर 2026, मंगलवार

महत्व:

भाई-बहन के प्रेम का दूसरा पर्व।

पूजा विधि:

तिलक लगाएं, आरती करें, मिठाई खिलाएं।

📅 दिसंबर 2026

गीता जयंती

19 दिसंबर 2026, शनिवार

महत्व:

भगवद गीता का जन्मोत्सव। ज्ञान का पर्व।

पूजा विधि:

गीता का पाठ करें, यज्ञ करें, दान-पुण्य करें।